आप भी सदस्य बनें-

Saturday 27 June 2009

माइकल जैकसन का जादू

जैकसन आज हमारी दुनियां में नहीं हैं, उनके जाने से हमारी दुनियां में एक सितारे की कमी हो गयी, एक ऐसे सितारे की कमी जिसकी चमक से हमारी दुनियां रोशन थी, पर जहाँ वे गए हैं उनकी दुनियां रोशन हो उठी है, देखिये उनके सम्मान में ये कार्टून!
----------------------------------------------------------------------------

----------------------------------------------------------------------------

Friday 26 June 2009

सा..एक मच्छर आदमी को......!

आपको कभी रांची आना हो तो जरा सावधानी से आइयेगा, साथ में एगो मच्छरदानी जरूर रख लीजियेगा, भइया हमरी सलाह जरूर मानियेगा, नहीं मानियेगा तो वापस लौटने पर आपकी एकलौती धर्मपत्नी आपको पहचानने से इंकार कर देगी, तो भैयाजी एक बार फिर सावधान..होशियार....
-------------------------------------------------------

---------------------------------------------------------

भगवान से भी नही लगेगा...!

दो दिन पहले रांची में BSNL की चरमराती सेवा के खिलाफ जनता ने जबरदस्त घेराव, धरना-प्रदर्शन किया, जनता के बीच से एक नारा सुनायी पड़ा- बीएसएनएल मतलब भाई साहब नहीं लेना, एक और आवाज आयी- भूल से भी नहीं लेना, अब एक कार्टूनिस्ट का फर्ज अदा करते हुए मेरा तो यही कहना है कि................

Wednesday 24 June 2009

महिलाएं मुझे माफ़ करना (बहस)

मेरे इस कार्टून पर मुझे ढेर सारी टिप्पणियां प्राप्त हुई है, जैसी मुझे उम्मीद थी, वैसा ही हुआ भी, अबतक प्राप्त कुल १८ टिप्पणियों में से १६ टिप्पणियां पुरुषों ने भेजी और मात्र २ महिलाओं ने भेजी,पुरुषों ने तो कार्टून की जी भर प्रशंसा कर मेरा समर्थन किया, पर शायद २ महिलाओं के कमेन्ट से ही ये एहसास हो गया की उन्हें मेरे कार्टून से शिकायत है, प्रियांकाजी ने लिखा- महिलाएं चाँद तक जा पहुँची है, और आप अभी भी चुगली की बात करते हो, प्रियांकाजी की इस टिपण्णी का विरोध मैं तो नही करूंगा, पर इसपर एक खुली बहस मैं जरूर चाहता हूँ , मैं महिलाओं से फिर अपील करूंगा वे एक बार इस कार्टून को देखें,खुले दिमाग से अपनी प्रतिक्रिया देकर इस बहस में शामिल हों, मैं भी नारी का सम्मान करता हूँ, नारी जननी है, मां है,पत्नी बहन और बेटी है, नारी की देवी के रूप में हमारे देश में पूजा की जाती है, फिर भी मैंने ऐसा कार्टून क्यों बनाया ? यही बहस का मुद्दा है, प्रियांकाजी ने कड़ी टिपण्णी की है एक तरह से विरोध ही किया है, अब उन सभी मित्रों का ये फर्ज बनता है की वे इस कार्टून के पीछे जो उद्देश्य है,उसे महिलाओं के सामने लायें ! नीतिश जी ने लिखा-सच्चाई में माफ़ी क्या? तो शर्माजी ने लिखा- ये तो शास्वत सत्य है, पाबलाजी ने कहा-एक वैज्ञानिक तथ्य को कार्टून बता रहे हो, इसी तरह से मित्रों ने हमारा साथ दिया है, पर शायद महिलाएं ग़लत समझ बैठी हैं ...तो मित्रों, मुझे बचा लो, उन्हें बता दो, कार्टून में कही गई बात का अर्थ क्या है? आप नही बता पाये तो कल हम ही उतरेंगे मैदान में हेलमेट के साथ......कार्टून आज भी कल का ही है ,ताकि कुछ महिलाएं और पढ़ें...बहस में भाग लें ....थैंक्स!
----------------------------------------------------------------------

---------------------------------------------------------------------

महिलाएं मुझे माफ़ करना....!

आज आपके लिए जो कार्टून मैं लेकर आया हूँ शायद उसे महिलाएं पसंद न करें ..ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योकि मेरे इस कार्टून को देखकर मेरी एकमात्र बीवी ने बेलन जैसे हथियार के साथ मुझे दूर तक भगाया था, अगर महिलाओं को मेरे कार्टून से कोई ठेस पहुँचती है तो मैंने पहले ही माफ़ी मांग ली है, पुरुषों से माफ़ी नही मांगूंगा क्योकि उन्हें तो यह कार्टून पसंद आना ही है..दोनों प्राणियों के कमेंट्स से ही पता चलेगा..कार्टून सही है या ग़लत..थैंक्स!
-----------------------------------------------------------------

-----------------------------------------------------------------

Tuesday 23 June 2009

कहाँ है महंगाई....?

देश की जनता महंगाई का रोना लाख रोती रहे, पर हमारे माननीयों को ऐसा नहीं लगता ..इसका उनके पास सटीक जवाब भी है, आइये उनका जवाब जानते हैं कार्टून के माध्यम से ..कार्टून पसंद हो तो ...आपके कमेंट्स चाहूँगा....देंगे न....?
-------------------------------------------------------------------

-------------------------------------------------------------------

Monday 22 June 2009

ज्वाइन करेंगे राजनीती...........

राजनीति की माया हम और आप समझें न समझें, पर अपराध जगत इसेअच्छी तरह से समझने लगा है, आपको दर्जनों ऐसे बड़े नेता मिल जायेंगे, जो जनप्रतिनिधि बनने से पहले जनता के गले की फांस बने हुए थे..पुलिस रात-दिन इनको पकड़ने के लिए हथकड़ी लेकर इनके पीछे लगी रहती थी, लगी तो अब भी रहती है...अब इनकी सेवा के लिए..हिफाज़त के लिए ...जनता इन्हें चुन कर भेजती है रजामंदी या डर से ...ये तो जनता ही जाने, पर अब भी ये आ रहे हैं ...लगातार आ रहे हैं...., पेश है इसी मुद्दे पर एक कार्टून! आपके कमेंट्स का इंतजार है..धन्यवाद्!

--------------------------------------------------------------------

--------------------------------------------------------------------

Sunday 21 June 2009

बंद करो बकवास..........

मेरी रांची खूबसूरत रांची...खुशहाल रांची..जब से राजधानी का दर्जा पाई है, इसकी खूबसूरती को, इसकी खुशहाली को..नजर लग गई है, प्राकृतिक सौन्दर्य, कम होता गया और आधुनिकता बढती गयी, आधुनिकता के साथ-साथ अपराध भी बढ़ते चले गए, हर सरकार के कार्यकाल में अपराध कम होने की जगह और बढ़ता ही गया..जो भी नई सरकार आयी उसके कार्यकाल में प्रशासन ने बढ़ते अपराध को रोकने के लिए सिर्फ़ जुबानी कार्रवाई की...उसी पर आधारित है आज का कार्टून ....आपके कमेंट्स का स्वागत है.....धन्यवाद्!
-------------------------------------------------------------

--------------------------------------------------------------